हाथों को पकड़ रखे थे 2 आरक्षक, थानेदार साहब

संदीप ठाकुर, लोरमी। मुंगेली जिले की लोरमी पुलिस में कुछ दिन पहले तस्करों के साथ बर्बरता का मामला नहीं सुलझा तो एक बार फिर लोरमी पुलिस की कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस मामले में तत्कालीन लोरमी थाना प्रभारी प्रमोद दडसेना का मामला था, जिन्होंने भरतसागर बांध के पास एक जुआरी को पकड़कर डंडे से पीट दिया.

यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फुटेज दो दिन पहले का बताया जा रहा है। बाद में थाना प्रभारी द्वारा एक की पिटाई की जा रही है। कई पुलिसकर्मी युवक को पकड़ रहे हैं। बार-बार हाथ-पैर मारने पर भी साहब को दया नहीं आती। वे लगातार लड़ रहे हैं।

पहले लड़ाई फिर माफी का खेल..

मुंगेली जिले के लोरमी थाना प्रभारी के साथ कुछ व्यापारियों को गाली गलौज करने पर बेरहमी से पीटा गया, फिर थाना प्रबंधक के माफी मांगने के बाद मामले को दबा दिया गया, फिर यह दूसरा मामला सामने आया. भारत सागर बांध के पास जुआ खेल रहे युवक को दर्दनाक डंडे से मारा गया, युवक की पीठ पर डंडे के निशान दिख रहे हैं.

थाना प्रबंधक और कुछ पुलिसकर्मियों के इस रवैये से थाना क्षेत्र में दहशत का माहौल है. इस पूरे मामले में मारपीट पीड़िता ने पुलिस विभाग पर 30 हजार नकद लेन-देन के बावजूद जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया.

इस दौरान मारपीट के शिकार मुकेश जायसवाल ने यह भी कहा कि यदि हम जुआ खेल रहे हैं तो थाना प्रभारी द्वारा जुआ अधिनियम व पुलिस विभाग के कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन इस तरह से बर्बरतापूर्ण पिटाई की जाए. . गलत।

वहीं अब लोरमी के निवासी इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं. इसके साथ ही मारपीट के पीड़ित अब चार्ज थाना हटाने की मांग कर रहे हैं. बार-बार शिकायत मिलने के बावजूद किसी भी तरह से कार्रवाई नहीं होने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

लोरमी के लोगों को कब तक पीटा जाएगा?

एक ओर तो वह थाना प्रभारी से दया की गुहार लगाता रहा, लेकिन थाना प्रभारी ने उसकी एक न सुनी। नतीजा यह हुआ कि युवक के शरीर पर डंडे से वार किया गया, शरीर पर घाव साफ दिखाई दे रहा था. ऐसे में पुलिस की बर्बरता से इलाके में दहशत का माहौल है.

घटना को लेकर पीड़िता ने बताया कि प्रमोद थाना प्रभारी प्रमोद दडसेना भी तत्काल मौके पर पहुंचे. उस अवसर पर कोमा में दोनों हाथों को दो पहरेदारों द्वारा पकड़ लिया गया और प्रताड़ित किया गया, जिन्हें जानवरों की तरह लाठियों से पीटा गया। लोग इसे तालिबानी सजा बता रहे हैं.

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